*शिवगंज।* जैन समाज सहित सनातन समाज में ‘वी के गुरुजी महाराज’ के नाम से ख्याति प्राप्त विश्वोदय कीर्ति सागर महाराज इन दिनों नवपद आयंबिल ओली कार्यक्रम में भाग लेने के लिए शिवगंज प्रवास पर हैं। वे बुधवार को पीपली वाली धर्मशाला उपासरा में आयोजित प्रवचन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने धर्म एवं समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
महाराज ने कहा कि धार्मिक कार्यों को लेकर किसी प्रकार का अनावश्यक विवाद खड़ा करना समाज के हित में नहीं है। धर्म का मूल उद्देश्य शांति, संयम और सद्भाव का प्रसार करना है, इसलिए सभी को आपसी भाईचारे और सहिष्णुता के साथ धार्मिक गतिविधियों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट होकर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की आवश्यकता है, न कि छोटे-छोटे मुद्दों पर मतभेद पैदा कर वातावरण को अशांत किया जाए।
नवपद आयंबिल ओली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि यह पर्व आत्मशुद्धि, तप और संयम का प्रतीक है। इस दौरान श्रद्धालु विशेष नियमों का पालन करते हुए आयंबिल तप करते हैं, जिससे आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। उन्होंने समाजजनों से आह्वान किया कि वे इस पावन अवसर का लाभ उठाकर अपने जीवन में सदाचार, अनुशासन और धर्म के मूल सिद्धांतों को अपनाएं।
महाराज ने पर्यावरण संरक्षण, अहिंसा और नैतिक मूल्यों पर भी जोर देते हुए कहा कि आज के समय में इन सिद्धांतों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। धर्म केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक श्रेष्ठ पद्धति है, जो मानव को बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देता है।
इस अवसर पर स्थानीय समाज के गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। शिवगंज में उनके प्रवास के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।
