शिवगंज। कहते हैं कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं होता, क्योंकि किसी जरूरतमंद को समय पर मिला रक्त उसकी जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। ऐसा ही मानवता का उदाहरण सुमेरपुर के भगवान महावीर हॉस्पिटल में देखने को मिला, जहां पिछले दो दिनों से भर्ती मरीज सकाराम की हालत गंभीर बनी हुई थी।
मरीज सकाराम को उपचार के दौरान डॉक्टरों ने तत्काल AB नेगेटिव ब्लड की आवश्यकता बताई। करीब तीन यूनिट रक्त की जरूरत होने से परिजन काफी चिंतित हो गए, क्योंकि AB नेगेटिव ब्लड ग्रुप दुर्लभ होने के कारण समय पर रक्तदाता मिलना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान सुमेरपुर क्षेत्र में लंबे समय से रक्तदान और मानव सेवा के कार्यों से जुड़े समाजसेवी मोहनलाल भाटी को इसकी सूचना मिली। सूचना मिलते ही उन्होंने अपनी टीम के साथ रक्त की व्यवस्था के लिए प्रयास शुरू किए और AB नेगेटिव रक्तदाता की तलाश में रियल ग्रुप से जुड़े पत्रकार महेन्द्र माली से संपर्क किया। जैसे ही पत्रकार महेन्द्र माली को मरीज की गंभीर स्थिति और रक्त की आवश्यकता की जानकारी मिली, वे तुरंत भगवान महावीर हॉस्पिटल पहुंचे और बिना देरी किए AB नेगेटिव रक्तदान कर जरूरतमंद मरीज सकाराम के उपचार में सहयोग किया। उनके इस सेवा भाव से मरीज के परिजनों को बड़ी राहत मिली।
इस मौके पर समाजसेवी मोहनलाल भाटी, वरिष्ठ कोऑर्डिनेटर सुनील अग्रवाल, हिम्मत सिंह सहित रक्तदान सेवा से जुड़े सदस्य मौजूद रहे। सभी ने रक्तदान को मानवता की सच्ची सेवा बताते हुए लोगों से जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। मरीज के परिजनों ने संकट की घड़ी में सहयोग करने वाले रक्तदाता पत्रकार महेन्द्र माली, समाजसेवी मोहनलाल भाटी और उनकी पूरी टीम का आभार जताते हुए कहा कि ऐसे सेवा कार्य समाज में इंसानियत और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। मोहनलाल भाटी ने कहा कि रक्तदान एक ऐसा पुण्य कार्य है, जिससे किसी अनजान व्यक्ति की जिंदगी बचाई जा सकती है। हर स्वस्थ व्यक्ति को समय-समय पर रक्तदान कर मानव सेवा में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।मैंने इसे अखबार शैली में थोड़ा विस्तार देकर पेशेंट, संस्था/टीम और रक्तदाता तीनों को बराबर हाईलाइट कर दिया है।
