आबूरोड-राजस्थान शिक्षक संघ(प्रगतिशील) का प्रदेश महासमिति अधिवेशन स्व दर्शन हॉल मान सरोवर आबुरोड में आबू-पिण्डवाड़ा के पूर्व विधायक लालाराम गरासिया एवं पूर्व प्रदेशाध्यक्ष एवं चेयरमैन केशरलाल चौधरी समन्वय समिति संयोजक बन्नाराम चौधरी सह संयोजक नीरज शर्मा के आतिथ्य में पहला शुभारम्भ सरस्वती वन्दना एवं संविधान की प्रस्तावना की शपथ के साथ कार्यक्रम का शुभारम्भ हुआ।


पूर्व प्रदेशाध्यक्ष केशरलाल चौधरी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार वर्तमान में शिक्षा की बदहाल स्थिति को नियंत्रण करने में विफल हो रही है। सरकार की कथनी करनी में अन्तर है। शिक्षकों का शोषण व उत्पीड़न को संगठन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा। समन्वय समिति संयोजक बन्नाराम चौधरी ने कहा कि शिक्षा विभाग की नाजुक स्थिति है। सरकार का शिक्षा के प्रति नकारात्मक नजरिया शिक्षा प्रणाली में बाधक बन रहा है। सह संयोजक समन्वय समिति नीरज शर्मा ने कहा कि सरकार की शिक्षण व्यवस्था को बहाल करने के प्रति जरा भी रुचि नजर नहीं आ रही है अगर इसे समय रहते नही सुधारा गया तो शिक्षा प्रणाली रसातल में चली जायेगी। सलाहकार मण्डल के श्यामलाल आमेटा व पुनमचन्द विश्नोई ने कहा कि संगठन लोकतांत्रिक विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम करे जिससे हम लोकतन्त्र की रक्षार्थ काम कर सके। इस अवसर पर अधिवेशन संयोजक धर्मेन्द्र गहलोत ने कहा कि सरकार न तो पद भरना चाहती है और न ही स्वीकृत करना चाहती है। महात्मा गांधी स्कूलों की स्थिति खराब करना शिक्षक,शिक्षार्थी व शिक्षक विरोधी नीति को अंगीकार करती है जो स्वीकार योग्य नहीं है। इस अवसर पर सदस्य किशनलाल सारण ने कहा कि एकीकरण शिक्षक हितो की सेवा व रक्षा के लिए बनाये। समन्वय को मजबूती के साथ आगे बढ़ाकर के संगठन को नई दिशा देनी है। इस अवसर पर धुलीराम डांगी,प्रीति गुर्जर,हरीराम कलावंत,बृजमोहन मीणा,लच्छीराम गुर्जर,विष्णु कुमार तैली,डॉ.रोशनदीप,रामनिवास साहू,आनंद पारीक,ललीत जोशी,छगनलाल भाटी,रमेश रांगी,बीरजू राम चौधरी,कांतिलाल मीणा,सत्येंद्र सिंह राठौड़,राहुल कुमार,मनोहर सिंह चौहान,धर्मेन्द्र कुमार खत्री,शकील खोखर,गुरुदीन वर्मा,विनोद नैनावत, किशोर कुमार,रघुनाथ मीणा,रमेश दहिया,देशाराम मीणा ने भी अपने विचार व्यक्त किये। इस प्रथम प्रदेश महासमिति अधिवेशन के समापन अवसर पर सहसंयोजक किशोर कुमार ने प्रदेशभर से आये उपस्थित सभी सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
