शिवगंज-राज्य के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर,प्रमुख शासन सचिव कृष्ण कुणाल,शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की उपस्थिति में राज्य के विभिन्न शिक्षक संगठनों से शिक्षा संकुल जयपुर में शुक्रवार को वार्ता में 12 ज्ञापनो का पुलिन्दा सभी को सौंपकर शिक्षक शिक्षार्थी एवं अभिभावको के हित में फैसला लेने की संगठन ने जोरदार पैरवी की।

संघ(प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने व्यक्तिश मुलाकात करके शिक्षा मंत्री,शासन सचिव,निदेशक को शिक्षको की विभिन्न सेवारत समस्याओं एवं विभिन्न विचारणीय बिन्दुओं की तरफ ध्यान देने की आवश्यकता जताई। जिसमें प्रमुख रूप से राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान देने के लिए 2025-26 में किये गये संशोधन से राज्य के कई जिले शिक्षक सम्मान से वंचित रहे है। पूर्व के नियम शिक्षा हित में है उससे पुनः लागू करवाने के साथ ही ब्लॉक स्तरीय सम्मान की परम्परा पुनः जारी करवाने,एसएन ग्रान्ट में सभी प्रकार के ग्रान्ट में लगभग बजट शून्य उन सभी में अविलम्ब देकर के अगले सत्रारम्भ में ही एक मुश्त बजट आंवटित करवाने,संविदा कार्मिकों का नियमितिकरण करवाने,आरजीएसएच में शिक्षकों को आने वाली खामियों को दूर करवाने, शिक्षकों की विभिन्न सेवारत समस्याओं का अविलम्ब निराकरण करवाने,शिक्षको को चिकित्सक के प्रमाण पत्र के आधार पर चिकित्सा अवकाश,शिक्षक स्वंय की घोषणा के आधार पर अवकाश दिलवाले,महात्मा गाँधी स्कूलो में शारीरिक शिक्षकों एवं बैसिक कम्यूटर अनुदेशक को रिक्त पदो पर पदस्थापन करवाने,छात्र अनुपात में शिक्षको के पद आंवटित करवाने, सत्रारम्भ से पूर्व पाठ्यपुस्तके विद्यालय को मिल जाये। प्रधानाचार्य एवं उप प्रधानाचार्य की काउन्सलिंग करवाकर पदस्थान करवाने,शिक्षको की बीएलओ के रूप में गैर शैक्षिक कार्यों में ड्यूटी नही लगवाकर शिक्षण व्यवस्था सुधारने,शिक्षको की बीएलओ ड्यूटी बीना नियंत्रण अधिकारी की अनुमति के बगैर किसी भी शिक्षक को कार्य मुक्त किया जाने,शासकीय एवं प्रशासनिक सुधार कर शैक्षणिक सुधार में सहयोग करने,शिक्षकों के ग्रीष्म अवकाश किसी भी स्थिति में नहीं घटाने सहित विभिन्न सैकड़ो बिंदुओं को सरकार के समक्ष रखा।
इस अवसर पर संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष हरीराम कलावन्त,जिला कोषाध्यक्ष रमेश रांगी,धर्मेन्द्र खत्री,रघुनाथमीना भी उपस्थित थे।
