शिवगंज (ओमप्रकाश परिहार)। श्री विश्वकर्मा वंश सुथार समाज सेवा समिति (सोलह – सत्ताईस – कुंडाल परगणा) ने न्यायालय द्वारा काम्बेश्वर महादेव कानाकोलर में विभिन्न समाजों की धर्मशालाओं को तोडने के आदेश का विरोध जताया है। सुथार समाज का कहना है कि हमारे आस्था के केन्द्र को निशाना बनाया जा रहा है। काम्बेश्वर महादेव मंदिर करीब 100 वषों से भी अधिक पुराना है और यहां 36 कौम की आस्था है। सनातन धर्म हमेशा प्रकृक्ति की पूजा करते आया है और कण-कण में भगवान को माननें वाला धर्म है। कुछ लोग आस्था को ठोस पहुँचा कर राजनीति लाभ पाने में लगे हुए है। हमारा समाज श्री विश्वकर्मा वंश सुधार समाज सेवा समिति, श्री विश्वकर्मा मंदिर निर्माण समिति एवं श्री वंश सुथार युवक समिति के माध्यम से यह बात जनता और प्रशासन को बताना चाहते है कि जब हर समाज की धर्मशाला को निर्माण हुआ तो प्रशासन और वन विभाग की ऑफिस भी यही थी तब क्यों नहीं विरोध किया गया। अब कुछ लोग इस आस्था के केन्द्र को निशाना क्यों बना रहे है।इस तरह की हीन राजनीति करने वालों को सबक सिखाना चाहिए कि उनके पीछे कौनसी ताकत काम कर रही है। यह हिन्दू धर्म 36 कौम में चिन्ता का विषय है। हमारा समाज उनका पूरा विरोध कर रहा है। सभी हिंदू भाइयों को 6 अक्टूबर को एकजुट होकर अपना विरोध दर्ज कराना होगा।
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