शिवगंज / राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में सावन के पावन महीने में प्रार्थना सभा के दौरान भक्ति, देशप्रेम, पर्यावरण चेतना और रचनात्मकता का अनूठा संगम देखने को मिला। छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों एवं गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

एक ओर छात्राएं देशभक्ति गीत “माँ से है माटी, माँ से है माथा, माथे पे माटी सजा के चले, माएँ चलती रहें बेखौफ हवाएँ, लहरा के झूमे तिरंगा” पर उत्साहपूर्वक झूमती नजर आईं, वहीं छात्रा अंजलि खंडेलवाल द्वारा प्रस्तुत शिव स्तुति ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

नो बैग डे के अवसर पर छात्राओं ने टंग ट्विस्टर एवं कहानी वाचन जैसी रोचक गतिविधियों में भाग लिया। इन गतिविधियों से छात्राओं को अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के साथ आत्मविश्वास एवं अभिव्यक्ति कौशल विकसित करने का अवसर मिला।
विद्यालय में पिछले तीन वर्षों से छात्राओं के जन्मदिन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की अनूठी पहल की जा रही है। छात्राएं जन्मदिन पर टॉफियां बांटने के बजाय प्रार्थना सभा में पौधा भेंट करती हैं अथवा हरित कोष में राशि का योगदान देती हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को पर्यावरण से जोड़ना और उनके पर्यावरणीय दायित्व के प्रति जागरूक करना है। विद्यालय द्वारा “पर्यावरणं रक्षति रक्षितः” के संदेश को व्यवहार में उतारने का यह प्रयास निरंतर जारी है।
प्राचार्य हनवंत सिंह महेचा ने कहा कि भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार की NEP 2020 के समावेशी एवं विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा के लक्ष्यों को साकार करने के लिए विद्यालय निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि “प्रार्थना सभा विद्यालय की आत्मा होती है।” इसी उद्देश्य से प्रतिदिन प्रार्थना सभा में कुछ नया एवं रोचक करने का प्रयास किया जाता है, ताकि छात्राओं को आगे आकर अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने के अवसर मिलें।
प्राचार्य ने विद्यालय के समस्त स्टाफ की सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन के साथ शिक्षण को रुचिकर, गतिविधिपूर्ण एवं विद्यार्थी-केंद्रित बनाने के प्रयास सराहनीय हैं।
