शिवगंज (ओमप्रकाश परिहार)।राजस्थान शिक्षक संघ(प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर जयपुर में मतदाता सूची तैयार करने के लिए बीएलओ मुकेशचन्द्र जांगिड़ की ट्रेन के आगे छलांग लगाकर सुसाइड करने की घटना प्रशासन के लिए शर्मनाक, दोषी अधिकारी की गिरफ्तारी कर अविलम्ब निलम्बित करके राज्यभर में अधिकारियों की तानाशाही पर लगाम लगाने की मांग की है। संघ(प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत ने बताया है कि एस आई आर विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम से हैरान परेशान होकर अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित करने और अत्यधिक दबाव के चलते शिक्षक आत्महत्या जैसा कदम उठा रहे है। इससे स्पष्ट हो गया है कि राज्य भर में एस आई आर के नाम से शिक्षकों को डंडे के जोर पर उपखण्ड अधिकारियों द्वारा डराया धमकाया जा रहा है कि प्रगति को तीव्र गति से बढ़ाया जाये। अगर प्रगति रिपोर्ट अधिकारियों के अनुरूप नहीं होती है तो उस बीएलओ नोटिस व कार्यवाही दी जा रही हैं। आनन-फानन में 12 माह के कार्य को एक दो महिने में करवाने का अत्यधिक भार शिक्षकों को आत्महत्या तक के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। यह वास्तविक स्थिति की कोई भी शिक्षक किसी भी पीड़ा व समस्या से ग्रसित है या पारिवारिक प्रोब्लम है तो उन्हें बीएलओ ड्यूटी से मुक्ति सम्भव भी नहीं हो रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का डंडे की जोर पर काम लेने का नतीजा है कि बीएलओ जीवन लीला समाप्त करने तक की सोच बेहद घातक है। शासन द्वारा शिक्षकों को बढ़ी तादाद में एस आई आर के नाम बीएलओ,सहायक प्रथम,सहायक द्वितीय लगाकर के मानो स्कूलों की स्थिति बहुत खराब है। अर्द्धवार्षिक परीक्षा 20 नवम्बर से प्रारम्भ है लेकिन छात्रो का की ओर देखने वाला कोई नही दिख रहा है। शासन सचिव स्कूली शिक्षा के आदेश 14 नवम्बर 2025 के आदेश के विपरित जाकर के भी विद्यालयों से 9 शिक्षक को चुनाव कार्य में धकेलने से पढ़ाई चौपट हो रही है। शासन के रवैये पर नाराजगी जताते हुए सम्पूर्ण मामले में मुख्यमंत्री एवं मुख्य सचिव से हस्तक्षेप की मांग की है।
