सिरोही-शिक्षकों की विभागीय स्तर पर प्रारम्भिक एवं माध्यमिक शिक्षा के अन्तर्गत सेवारत विभिन्न समस्याओं के निराकरण को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) के प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेंद्र गहलोत के नेतृत्व में प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी विरेन्द्रसिंह यादव से शिक्षकों के प्रमुख 36 बिन्दुओं पर विस्तृत वार्ता हुई।
संघ (प्रगतिशील) के जिला मंत्री छगनलाल भाटी ने बताया कि प्रदेश मुख्य महामंत्री धर्मेन्द्र गहलोत एवं जिलाध्यक्ष सत्यनारायण बैरवा ने वार्ता में बताया हैं कि शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं का नियमित संधारण एवं प्रतिवर्ष उनका अवलोकन तथा प्रति 5 वर्षों में शिक्षकों के हस्ताक्षर का सेवा पुस्तिका में पुनः प्रमाणीकरण एवं सेवा पुस्तिका की द्वितीय प्रति उपलब्ध कराने के सेवा नियमों, विभागीय निर्देर्शो एवं परिपत्रों में स्पष्ट प्रावधान व प्रचलन होने के बावजूद सक्षम कार्यालयों के स्तरों पर उसकी पालना तय शुदा समयावधि में नहीं किया जाना आम बात बन गई है जिससे शिक्षकों को स्थानांतरण, पदोन्नति, सेवानिवृत्ति एवं आकस्मिक मृत्यु होने पर न केवल शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है बल्कि आकस्मिक मृत्यु या सेवानिवृत्ति पर परिवार जनों को भी उसका खामियाजा उठाना पड़ता है, प्रत्येक शिक्षक/कार्मिक की सेवा पुस्तिकाओं में पेंशन नॉमिनेशन प्रपत्र की पूर्ति करवा कर चस्पा करवाया जाए तथा सक्षम अधिकारी इसकी वैधता को अनिवार्यता सुनिश्चित करते हुए प्रमाणीकरण कर देवे, शिक्षकों के स्थानांतरण पर यदि आहरण एवं वितरण अधिकारी बदल जाता है तो शिक्षक का अंतिम वेतन भुगतान पत्र एवं इसकी अद्यतन संधारित सेवा पुस्तिका, जीएफ एवं राज्य बीमा पासबुक शिक्षक के सीमान्तरीत नियंत्रण अधिकारी के कार्यालय को अधिकतम एक माह की अवधि में पहुंचने की व्यवस्था करवाई जाए, शिक्षकों की व्यक्तिगत पंजिका (पीएफ) में सम्मिलित समस्त पत्रों को सूचीबद्ध किया जाकर सक्षम अधिकारी द्वारा उससे प्रमाणित करवाया जाए, शिक्षकों को पे-स्लिप (वेतन ब्यौरा) प्रतिमाह सक्षम अधिकारी द्वारा प्रमाणित कर कार्मिकों को दी जाए, शिक्षकों को प्रतिमाह पहली तारीख को वेतन भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 9, 18 व 27 वर्षीय चयनित वेतनमानों के आवेदनों एवं उन्हें प्रतिमाह स्वीकृत करने की एक समयबद्ध प्रक्रिया अपनाई जाये, शिक्षकों को नियुक्ति तिथि से ही चयनित वेतनमानों की स्वीकृति तथा रिवाइज्ड फिक्सेशन एक मुश्त संपन्न करवाए जाए, माध्यमिक शिक्षा विभाग में या अन्य किसी विभाग में पदोन्नति, स्थानांतरित या प्रतिनियुक्ति पर भेजे गए हैं उनके एरियर बिलों का निर्माण व भुगतान के लिए जीए 55 जारी करने की व्यवस्था करवाई जाए, शिक्षकों के कालातीत बिलों की पूर्व जांच (प्री ऑडिट) सतत रूप की जाकर भुगतान किया जाये, शिक्षकों के वेतन वृद्धि स्वीकृति आदेश जारी कर सेवा पुस्तिका में समय बद्ध प्रविष्टियों को पूर्ण करवाई जाये, शिक्षकों के यात्रा व्यय एवं चिकित्सा बिलों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर ही हो यह सुनिश्चित किया जाए, प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा कर्मियों, शिक्षा सहयोगियों तथा पैरा टीचर्स को प्रतिमाह की 5 तारीख से पहले हर हाल में मासिक वेतन दिया जाए, शिक्षकों के चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर लिए गए रूपान्तरित अवकाश आवश्यकता होने पर लिए गए उपार्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश एवं अर्द्ध वेतन अवकाश, सीसीएल की स्वीकृति अधिकतम एक माह में जारी कर दी जाए, शिक्षकों के अध्ययन अवकाश प्रकरणों एवं असाधारण अवकाश स्वीकृति के प्रकरण का निस्तारण समयबद्ध किया जाये, महिला शिक्षिकाओं के प्रसूति अवकाश की स्वीकृतियां उनके द्वारा पुनः कार्य ग्रहण करने के साथ ही जारी कर दी जाए, चिकित्सा प्रमाण पत्र के आधार पर परिवर्तित अवकाश समय पर स्वीकृत करने की ठोस व्यवस्था की जाये, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थाईकरण आदेश निश्चित समयावधि में जारी किया जाये, शारीरिक शिक्षकों को उच्च स्तर पर प्रशैक्षिक योग्यता ’’नेशनल इंस्टीट्यूट आफ स्पोर्ट्स’’ हेतु सार्वजनिक अनुज्ञा विभागीय स्तर पर प्रदान की जाए ताकि प्रारंभिक शिक्षा में भी वैश्वीकरण के दौर में भी उच्च स्तर पर अच्छे शारीरिक शिक्षक उपलब्ध हो सके, शिक्षकों की योग्यता अभिवृद्धि जुड़वाने का मामला हो या बी एड सहित शैक्षणिक अध्यनरत अवकाश स्वीकृत कर जुड़वाने के लिए निश्चित समयावधि मे पुख्ता व्यवस्था की जाये, सरकारी स्कूलों में स्टेशनरी, स्वच्छता सामग्री, पेयजल, बिजली बिल, परीक्षा सामग्री, छोटी मोटी मरम्मत, रंगरोगन, वार्षिक उत्सव, खेलकूद सामग्र्री, सहित विभिन्न मदों में सत्रारम्भ से पूर्व ही एक मुश्त बजट विद्यालयों को आवंटित किया जाये, छात्र हित में जर्जर एवं मरम्मत योग्य सरकारी स्कूलों का सर्वें प्रति वर्ष सत्रारम्भ में ही किया जाये, निशुल्क पाठ्यपुस्तकें स्कूलों की मांग अनुसार विद्यालयोें पहुंचाने की व्यवस्था की कडाई से पालना करवाई जाये, शिक्षको की गैर शैक्षिक कार्याें के लिए नियन्त्रण अधिकारी/नियुक्ति अधिकारी के बगैर सीधे ही ड्युटी के लिए कार्यमुक्त नहीं किया जाये, वाक्पीठ के शैक्षिक उन्नयनों के प्रस्तावों पर गौर किया जाकर इसमें शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधियों को भी आमन्त्रित किया जाये, संस्था प्रधानों की वाक्पीठ संगोष्ठियों में शिक्षक संगठन के प्रतिनिधियों को नियमित रूप से आमंत्रित किया जाये, जिला स्तर से राज्य स्तर पर खेलकूद प्रतियोगिता के लिए टीम प्रभारी द्वारा यात्रा व्यय विवरण की प्रभावी माॅनिटरिंग की जाये, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सम्मानित शिक्षकों का सम्बन्धित ब्लाॅक/मुख्यालय के नोटिस बोर्ड में लिखवाया जाये, संस्था प्रधानों द्वारा उपस्थिति रजिस्टर में आगमन व प्रस्थान के स्थान पर एक हस्ताक्षर करने की प्रथा पर अंकुश लगाकर व्यवस्था में सुधार किया जाये, प्रधानाचार्यों द्वारा उच्च कक्षाओं में नियमित रूप से प्रतिदिन कम से कम दो कालांश अनिवार्य रूप से लेने की व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाये, शिक्षक द्वारा दिये जाने वाले समस्त प्रकार के शिकायती पत्रों को पावती अवश्य दी जाये, एस एन ए अथवा कम्पोजिट ग्रान्ट के तहत मार्च के अन्तिम सप्ताह में जारी किये जाने वाले बजट के लेप्स होने के खतरे से इस बजट को विकास कोष से किये गये खर्च में समायोजित किये जाने का सी डी ई ओ स्तर से आदेश जारी करवाया जाये।
वार्ता के दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह यादव ने संगठन द्वारा उठाए गए शिक्षक हित के बिंदुओं पर संगठन की तारीफ के साथ आश्वस्त किया कि शिक्षकों की सेवारत समस्याओं का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए जाएंगे।
इस अवसर पर संगठन के जिला अध्यक्ष सत्यनारायण बैरवा, जिला मंत्री छगनलाल भाटी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कांतिलाल मीणा, जिला प्रवक्ता गुरु दिन वर्मा, रेवदर वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार खत्री, प्रतिनिधि सदस्य मनोज कुमार शर्मा भी उपस्थित हुए।
