सिरोही। विश्व क्षय रोग दिवस (24 मार्च) के अवसर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सिरोही द्वारा राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्देश्य जिले में टीबी रोग की शीघ्र पहचान कर उपचार सुनिश्चित करना तथा जनजागरूकता बढ़ाना है
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कार्यक्रम का शुभारंभ अतिरिक्त जिला कलेक्टर श्री राजेश गोयल द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया। इस दौरान जिला परिषद सदस्य एव स्वच्छता समिति के अध्यक्ष श्री दिलीपसिंह मांण्डनी , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विवेक कुमार सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

अभियान के अंतर्गत जिले के हाई रिस्क क्षेत्रों में विशेष स्क्रीनिंग और जांच अभियान चलाया जाएगा। संदिग्ध मरीजों की पहचान कर उनकी जांच की जाएगी तथा हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से मौके पर ही स्क्रीनिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे समय पर निदान और उपचार संभव हो सके।
जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज सिरोही में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें प्राचार्य डॉ. मलकेश मीणा एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विवेक कुमार ने टीबी के लक्षण, बचाव एवं उपचार के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों को बताया गया कि टीबी एक संक्रामक लेकिन पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि “टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए जिले में विशेष 100 दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है। इसमें हाई रिस्क क्षेत्रों में घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की जाएगी और संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच कर उपचार शुरू किया जाएगा। आमजन से अपील है कि टीबी के लक्षण दिखाई देने पर बिना देर किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं, क्योंकि टीबी पूरी तरह ठीक होने वाली बीमारी है।”

इस अवसर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक सत्यनारायण सिंह, पीएम-कोऑर्डिनेटर दिलीप कुमार, विनोद कुमार, दीपक कुमार सहित अन्य कार्मिक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
एडीएम डॉ राजेश गोयल ने आमजन से अपील की है कि लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय पर जांच कराकर टीबी मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करें।
