सिरोही- अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ द्वारा राज्यव्यापी आंदोलन के अगामी चरण में राज्य सरकार की कर्मचारी विरोधी नितियों के विरूद्ध एवं महासंघ के सात संकल्पों को तत्काल पूर्ण करने हेतु आज जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर सभी कर्मचारी नेताओं ने सद्बुद्धि यज्ञ में आहुति देकर कर्मचारियो की माँगो पर तत्काल निर्णय लेने का दबाव नारेबाजी करके बनाया गया।
संयुक्त महासंघ के जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र गाहलोत ने बताया है कि राज्य सरकार जब से सत्ता पर काबिज हुई है तब से कर्मचारी हितों को नजर अंदाज कर रही है। जिसको लेकर के राज्यभर में कर्मचारियो में सरकार के प्रति कडा रोष उत्पन्न हो रहा है,जबकि 12 जनवरी की जयपुर में महासंघ के प्रदेश नेतृत्व में निकाली गई विशाल ऐतिहासिक चेतावनी रेली के बावजूद सरकार कर्मचारियो की माँगों के प्रति गम्भीर दिखती नजर नही आ रही है इसलिए विधान सभा सत्र प्रारम्भ होने से पूर्व सद्बुद्धि यज्ञ ही एक मात्र विकल्प है कि सात संकल्पों सहित 11 सूत्री मांगपत्र सरकार सकारात्मक निर्णय लेकर पुरानी पेन्शन योजना की सुरक्षा सुनिश्चित करने,पारदर्शी स्थाई स्थानान्तरण नीति बनाकर ही तबादले किये जाने,वेतन विसंगति दूर करवाने एवं केन्द्र के पे लेवल के समान वेतनमान स्वीकृत करने, पदोन्नति विसंगति दूर करवाने एवं सेवाकाल में चार चयनित वेतनमान लागू करवाने,संविदा एवं मानदेय कार्मिकों का वेतन नियमितकरण करवाने,कर्मचारियों के मान सम्मान एवं स्वाभीमान की सुरक्षा सुनिश्चित करने,आंठवे वेतन आयोग को तय समय में लागू करवाने सहित 11 सूत्री मांगपत्र पर कार्यवाही सुनिश्चित करना चाहिए अन्यथा आने वाले चुनावों में कर्मचारियों का रूख भयावह होगा। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना भारी पड़ेगा। इस सद्बुद्धि यज्ञ में कर्मचारी नेता जोगेश टेलर,शंकरलाल मीना,मनोहर सिंह चौहान,सत्यनारायण बेरवा,गुरूदीन वर्मा,देशाराम मीणा,बीरजु सिंह चौधरी,मनोज शर्मा,अमरसिंह, राहुल कुमार,विनोद नैनावत,शैतान सिंह देवड़ा,बाबुलाल,त्रिलोकाराम,रामफूल मीणा,मुन्ना लाल, देवाराम सहित सेंकड़ों कर्मचारियों ने आहुति देकर के विधानसभा सत्र के दौरान कर्मचारी मांगो का सरकार बजट में प्रावधान किये जाने की आहुति के माध्यम से पुरजोर माँग की है।
