नन्दी, दत्तात्रेय, अम्बरीश, वैश्यानाथ, उपमन्यु और पीपलाद अवतार के प्रसंगों ने किया भाव विभोर  सारणेश्वर परिसर रंगा, फूलों की होली के रंग में 

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शिवगंज। आखरिया चौक स्थित प्राचीन सारणेश्वर महादेव मंदिर में, शिव महापुराण कथा के समापन दिवस पर अपार जनसमूह की उपस्थिति में कथावाचक पंडित कमलकांत पाराशर महाराज ने रविवार को संगीतमय कथा सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। श्री सारणेश्वर महादेव सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित, आंठ दिवसीय आयोजन‌ ने सफलता के‌ नये कीर्तिमान स्थापित किए। सुबह पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक किया गया, जिसमें यजमानों ने बढ़- चढ़कर भागीदारी निभाई। संस्थान के सचिव माणक प्रजापत ने बताया कि, आज की कथा में नन्दी, दत्तात्रेय, अम्बरीश, वैश्यानाथ, उपमन्यु और पीपलाद अवतार के प्रसंग सुनाकर श्रद्धालुओं को‌ शिवरात्रि के पावन‌दिवस पर श्रद्धा से सराबोर किया। आयोजन समिति के दूदाराम गेहलोत ने बताया कि, शिलाद ऋषि ने इन्द्र को प्रसन्न करने के लिए, हजारों वर्ष तपस्या की लेकिन कुछ नहीं हुआ तब भोलेनाथ की शरण में गये। जब शिलाद ऋषी ने यज्ञ करने के लिये गड्ढा खोदा, तो तीन नैत्र वाला रुद्राक्ष श- माला धारण किये एक दिव्य बालक प्रकट हुआ, ऋषि ने उसे गले लगाया और उसका नाम नन्दी रखा। ऋषि अत्री की घोर तपस्या से प्रसन्न होकर, त्रिदेवों को प्रसन्न किया, तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने उसके यहाँ पुत्र रूप में अवतार लेने का वरदान दिया ।

अम्बरीश महाचक्रवर्ती राजा पूरे विवेक से भगवान के लिये स्वयं भोग तैयार किया करते थे। एक दिन भोग के लिये चक्की से अनाज पीस रहे थे, तब गर्मी के कारण पसीना आ गया । उसी समय अम्बरीश की सेवा से प्रसन्न हो, अपने पीताम्बर से भगवान स्वयं अम्बरीश को हवा करने लगे और और अपना सुदर्शन चक्र उनकी सेवा में लगा दिया ।

कथा आयोजन समिति के प्रवक्ता सोमप्रसाद साहिल से प्राप्त जानकारी अनुसार, व्यासपीठ के समस्त आचार्यों का संस्थान के अध्यक्ष रमेश मंडोरा एवं पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने स्वागत कर अभिनंदन किया। कथा में उपस्थित महिलाओं ने भी व्यासपीठ को नमन कर आशीर्वाद लिया। संपूर्ण कथा का सफल संचालन प्रकाश खण्डेलवाल ने किया। कथावाचक पाराशर महाराज ने श्री सारणेश्वर महादेव सेवा संस्थान एवं टेस्ट, लाइट, साउण्ड और कथा के श्रोताओं का आभार जताया। सोमवार को परिसर में रुद्र महायज्ञ का आयोजन होगा। संस्थान ने कथा कार्यक्रम में अपना सहयोग प्रदान करने वालों को मोमेंटो एवं दुपट्टा पहनाकर अभिनंदन किया। आयोजन समिति के उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल, नारायण लाल घांची, गेनाराम देवासी, कोषाध्यक्ष पूनम सिंह पंवार, सह सचिव अल्पेश गेहलोत, दिनेश परिहार, हंजारीमल लोहार, चंपालाल प्रजापत, कैलाश गेहलोत, भंवर प्रजापत, किस्तूर घांची, कानाराम प्रजापत, रमेश कुमार, खीमाराम, कांति लाल प्रजापत, प्रेम सिंह पंवार आदि ने व्यवस्था में सहयोग किया। सुधि श्रोताओं में भगवान सिंह राजपुरोहित, राधेश्याम सुमेरपुर, सुरेश खण्डेलवाल, हंसा मंडोरा, पिंटू भाई खण्डेलवाल, कोकिला अग्रवाल, भरत कुमार, साटिया वास महिला मंडल, शान्ति नगर महिला मंडल और सारणेश्वर महिला मंडल आदि उपस्थित रहे।

बृज की फूल- होली के रंग में रंगा पंडाल  फूलों में सज रहे हैं श्री वृन्दावन बिहारी  कथा के अंतिम दिवस, कथा कार्यक्रम के उपरांत, श्रद्धालुओं ने राधा- कृष्ण के साथ फूलों की होली खेलकर पंडाल को बरसाने में बदल दिया। राधा- कृष्ण के होली गीतों के साथ खेली गई फूल- होली आकर्षण का केंद्र रही। राधा- कृष्ण ने जन- समूह में जाकर फाग की धूम मचाई।

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Author: a1khabarfast

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