शिवगंज। महा शिवरात्रि के पावन पर्व के उपलक्ष्य में, आखरिया चौक स्थित सारणेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शिव महापुराण के, छटे दिन की कथा का आयोजन हुआ। श्री सारणेश्वर महादेव सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित कथा अपने अंतिम पड़ाव पर है। कथा के प्रथम दिवस से यजमानों द्वारा पार्थिव शिवलिंग रुद्राभिषेक किया जा रहा है। सुबह संस्थान के कार्यकर्ता बृजवासियों के साथ आस-पास की कोलोनियों में प्रभात फेरी निकालते हैं। सोमवार को परिसर में रुद्रमहायज्ञ के आयोजन के साथ कथा कार्यक्रम की पूर्णाहुति होगी। शिवरात्रि को अंतिम दिवस की कथा आयोजित होगी। संस्थान के सचिव माणक प्रजापत ने बताया कि, श्री धाम वृंदावन के सुविख्यात कथा वाचक पंडित कमलकांत पाराशर महाराज की संगीतमय कथा श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।

आयोजन समिति के अध्यक्ष रमेश मंडोरा ने बताया कि, आज की कथा में सरियादे, भक्त प्रहलाद, होलिका अन्धकासुर और बली के सुन्दर प्रसंग की व्याख्या की गई। हरी भजन से नाराज हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रहलाद को मारने के लिये पर्वत से फैंका, गर्म तेल की कड़ाही में डाला, जहर पिलाया, जहरीले सांपौ के बीच छोड़ा,लोहे के गर्म खम्बे से लिपटाया, अग्नि में जलाया लेकिन प्रभु कृपा से प्रहलाद का कुछ नही बिगड़ा । अन्त में भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप धारण कर अपने नाखूनों से हिरण्यकश्यपु का सीना चीरकर अन्त कर दिया ! आयोजन समिति के दूदाराम गेहलोत ने बताया कि, महादानी राजा बली को छलने भगवान ने वामन रूप में तीन पग भूमि मांगी । एक पग में धरती, दूसरे में आकाश मापकर तीसरा पग रखने के लिये राजाबली से कहा । बली के निवेदन पर सिर पर पांव रखकर भगवान ने बली को पाताल भेज दिया ।

कथा आयोजन समिति के प्रवक्ता सोमप्रसाद साहिल से प्राप्त जानकारी अनुसार, कथा के मध्य सुमधुर भजनों से श्रोता भावविभोर होकर झूमने लगे। खाटू- श्याम और राधा- रानी की मनमोहक झाँकियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। लक्ष्मण परिहार, अल्पेश गेहलोत, जितेंद्र कोठारी, श्रीकिशन सोनी, संघ विस्तारक कमलेश कुमार, पिंटू भाई खण्डेलवाल, लक्ष्मण प्रजापत आदि उपस्थित थे। संस्थान के कोषाध्यक्ष पूनम सिंह पंवार, उपाध्यक्ष नारायण लाल घांची, दिनेश परिहार, भंवर प्रजापत, लक्ष्मण देवासी, प्रदीप प्रजापत आदि व्यवस्था संभाल रहे थे।
व्यासपीठ और आचार्यों का किया सम्मान
श्री राम कृष्ण गोपाल प्राणी सेवा समिति के अध्यक्ष बाबूलाल परिहार, मंत्री डॉ रवि शर्मा ने व्यासपीठ का सम्मान करते हुए कथा वाचक पंडित कमलकांत पाराशर महाराज एवं समस्त आचार्यों का सम्मान किया। इस अवसर पर प्रोफेसर भूपेश वर्मा भी उपस्थित थे। साथ ही महिला भजन मंडली ने भी व्यासपीठ का सम्मान किया।
