सिरोही- राज्य सरकार द्वारा घोषित बजट को अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने कर्मचारियों, संविदा कर्मियो, मानदेय कार्मिको एवं पेन्शनर्स के लिए अत्यंत निराशाजनक बताते हुए आज जिला मुख्यालय पर बजट की प्रतिया जलाकर के विरोध व्यक्त किया।
महासंघ जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र गहलोत ने बताया है कि बजट में सरकार ने कर्मचारियों के हितो की अनदेखी करने का काम किया है। जहाँ सरकार ने पिछले बजट में पदोन्नति विसंगति दूर करने के लिए कैडर पुनर्गठन करने की घोषणा की थी। जिस पर आज तक कोई काम नही हुआ। वापस पदोन्नति व वेतन विसंगति से लेकर आंठवे वेतन आयोग लागू के किए एक कमेटी गठन की घोषणा मात्र छलावा के अलावा कुछ नहीं है। सरकार ने कर्मचारियो का भला तो नही किया लेकिन जिस लम्बी समयावधि के लिए गठन की घोषणा सेवानिवृत अधिकारियों की मेहमान नवाजी में राज्य सरकार का पैसा अवश्य खर्च होगा। बजट में कर्मचारियो,संविदा कर्मियों,मानदेय कर्मियों के बारे में बजट में कोई घोषणा नहीं, इसके अलावा कर्मचारियो की सबसे महत्वपूर्ण माँग पुरानी पेन्शन यथावत रखने व प्रदेश के हजारों सरकारी जर्जर भवनों के लिए भी पृथक से कोई बजट नहीं देना यह दर्शाता है कि शिक्षा क्षेत्र में कोई नवाचार के प्रति सरकार का सजग नहीं होना कर्मचारियों में रोष उत्पन्न करने वाला है।इस अवसर पर शंकर लाल तांबियाड,कांतिलाल मीणा ,भेरूलाल वर्मा, रघुनाथ मीणा, गुरुदिन वर्मा ,बलवंत सिंह राठौड़ ,रमेशकुमार रांगी,शैतानसिंह देवड़ा सहित अनेकों उपस्थित थे
