सुमेरपुर। उपखंड कार्यालय से मात्र 6 किमी दूर बसे हुए ग्राम सलोदरिया स्थित सार्वजनिक नाड़ी में भरी पड़ी गंदगी से आस-पास फैल रही दुर्गंध इस समय ग्राम पंचायत के स्वच्छता अभियान की पोल खोल रही है। नागरिकों की मानें तो पिछले 5 वर्षों में ग्राम पंचायत ने ग्राम के बीच आई इस नाड़ी की एक बार भी सफाई नहीं करवाई है। ऐसे में नाड़ी के अंदर कचरे व गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नाड़ी के अंदर ही नहीं बल्कि उनके किनारे पर प्लास्टिक व गदा कचरा बिखरा पड़ा होने व बदबू आने से सड़क पर गुजरने वाले लोग भी परेशान है। नागरिकों ने बताया कि सलोदरिया में सार्वजनिक नाड़ी ग्राम की मुख्य सड़क पर पंचायत कार्यालय, राजकीय विद्यालय व राजकीय अस्पताल भवन के सामने ही आई हुई है। इनसे नाड़ी की दूरी सिर्फ सड़क की चौड़ाई जितनी है। अस्पताल में आने वाले मरीजों व विधालय के सभी छात्र छात्राओं को नाड़ी में भरी पड़ी गंदगी के पास होकर ही गुजरना पड़ता है। इनके लिए अन्य कोई रास्ता भी नहीं है। ऐसे में गंदगी एवं फैली बदबू से हर कोई व्यक्ति परेशान है। नाड़ी की लम्बे समय से सफाई नहीं किए जाने से भरे हुए बरसाती पानी में पड़े हुए कचरे व अपशिष्ट से मौसमी बीमारी फैलने की संभावना है। नागरिकों ने बताया कि मनरेगा योजना में इस नाड़ी की सफाई एवं इसमें उगी हुई कंटीली झाड़ियों को हटाने का कार्य करवाया जा सकता था, लेकिन ग्राम पंचायत की ओर से नहीं करवाया। नाड़ी ग्राम के बीच आई हुई है और इसमें पहले बारिश का स्वच्छ पानी भरा रहता था,जिससे पशु पक्षियों की प्यास बुझती थी। लेकिन वर्तमान में यह नाड़ी कचरा पात्र बन कर रह गई है। नागरिकों ने बताया कि अफ़सोस की बात तो यह है कि गंदगी से भरीं पड़ी नाड़ी के पास ही आए पंचायत मुख्यालय पर समस्याओं का निस्तारण करवाने के कैम्प भी लगते हैं। लेकिन उसमें भी आने वाले अधिकारियों को नाड़ी में भरी हुई गंदगी नहीं दिखी। इस नाड़ी की बिगड़ी हालत में सुधार के लिए सलोदरिया के नागरिकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन भेजा है। जिसमें उन्होंने नाड़ी का शीघ्र ही निरीक्षण करवाने एवं स्वच्छता अभियान के तहत ग्राम पंचायत की ओर से करवाए कार्यों की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।
सलोदरिया की सार्वजनिक नाड़ी में भरी पड़ी गंदगी से फैली दुर्गंध, स्कूली छात्र व मरीज परेशान।
