शिवगंज। मारवाड़ मीणा समाज सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित प्रतिभावान सम्मान समारोह शिक्षा, संस्कार और संकल्प का जीवंत उदाहरण बना। सिरोही, पाली एवं जालौर जिलों के 162 प्रतिभावान विद्यार्थियों और युवाओं को सम्मानित कर समाज ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि शिक्षा ही वह मार्ग है जिससे समाज का भविष्य उज्ज्वल बनता है।

समारोह के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को आत्मनिर्भर ही नहीं बनाती, बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करें और अपने ज्ञान व प्रतिभा से समाज का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और प्रतिभाशाली युवाओं को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

अतिरिक्त मुख्य सचिव कुंजी लाल मीणा ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र अनुशासन, धैर्य और सतत अध्ययन है। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी कल समाज के मार्गदर्शक बनेंगे। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों को केवल डिग्री नहीं, बल्कि संस्कार और आत्मविश्वास भी दें।

पूर्व विधायक संयम लोढ़ा ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब समाज शिक्षा को अपना लक्ष्य बना लेता है, तब उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने मीणा समाज में बढ़ती शैक्षणिक जागरूकता की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के सम्मान समारोह विद्यार्थियों के भीतर नई ऊर्जा, आत्मबल और प्रतिस्पर्धा की भावना का संचार करते हैं। इस अवसर पर रामलाल मीणा बागसीन, संत भाना नाथ, चामुण्डा उपासक मनरूप राम, हनुमान प्रसाद, हरिशंकर, राज मीणा, छगन लाल मीणा, किरण मीणा एवं गोविन्द मीणा ने भी विद्यार्थियों को शिक्षा को जीवन का आधार बनाने और समाज सेवा से जुड़ने का संदेश दिया। समारोह में सैकड़ों की संख्या में उपस्थित समाज बंधुओं ने तालियों की गूंज के बीच प्रतिभाओं का सम्मान कर उनका उत्साह बढ़ाया। आयोजन समिति के संयोजक भंवर लाल मीणा एवं सह संयोजक छगन मीणा ने कहा कि समिति का उद्देश्य केवल सम्मान करना नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति स्थायी चेतना जागृत करना है। इससे पूर्व अतिथियों का मारवाड़ मीणा सेवा संस्थान की ओर से साफा एवं पुष्पहार पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में वी.आर. मीणा, रमसा मीणा, प्रकाशराज मीणा, चेलाराम, हरीश मीणा, भुबाराम, मीठालाल देवन, तिलक मीणा, जगा राम, झुंझा राम, मूपाराम, नेमाराम पोसालिया, रूपाराम सहित मीणा समाज के सैकड़ों लोगों का सानिध्य रहा।
