शिवगंज। विगत दिनों कथित रूप से बेड़ा नदी में डूबे केसरपुरा निवासी प्रवीण मीणा का अभी तक कोई सुराग नहीं मिलने पर मंगलवार को मीणा समाज के सैकड़ो लोगों ने पुलिस थाने के बाहर धरना प्रदर्शन कर परिजनों को न्याय दिलाने की मांग की। पुलिस ने समाज के लोगों को भरोसा दिलाया कि इस मामले की गहनता से जांच कर रही है तथा परिजनों ने जिन युवकों पर संदेह जताया है उनका पोलीग्राफिक टेस्ट भी करवाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस की ओर से मिले आश्वासन के बाद समाज के लोगों ने धरना समाप्त कर दिया। 
जानकारी के अनुसार पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत मंगलवार की सुबह मीणा समाज के सैकड़ो लोग जिसमें काफी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। सभी लोग केसरपुरा स्थित मीणा समाज की धर्मशाला एकत्रित हुए। यहां से सभी लोग पैदल मार्च करते हुए शांतिपूर्वक रूप से पुलिस थाने पहुंचे तथा थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। मीणा समाज के लोगों की मांग थी प्रवीण को घर से गए काफी दिन बीत गए हैं,मगर उसका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। परिजनों को न्याय नहीं मिलने से वे काफी चिंतित है। समाज के लोगों की मांग थी कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर प्रवीण का पता लगाए।
*पुलिस ने की समझाइश,तब माने समाज के लोग*
इस बीच पुलिस उपाधीक्षक पुष्पेंद्र वर्मा एवं पुलिस निरीक्षक बाबूलाल राणा धरना स्थल पहुंचे तथा मीणा समाज के लोगों के बीच बैठकर अब तक की गई जांच से अवगत कराया। साथ ही बताया कि पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। प्रवीण के साथ गए उसके दोस्तों की निशानदेही के आधार पर बेड़ा नदी में एसडीआरएफ की टीम लगातार तलाशी भी कर रही है। जोधपुर से भी एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया है। प्रशिक्षित गोताखोरों की भी तलाशी अभियान में मदद ली जा रही है। परिजनों ने जिन युवकों पर संदेह जताया है,उनसे भी मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की गई है। इसके अलावा उनका पोलीग्राफिक टेस्ट करवाने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। पुलिस की ओर से की जा रही जांच और अपनाई जा रही प्रक्रिया से संतुष्ट होने के बाद मीणा समाज ने अपना धरना खत्म करने की घोषणा की।
*यह था मामला*
गौरतलब हैं कि केसरपुरा निवासी खंगाराराम मीणा का पुत्र प्रवीण कुमार मीणा(35) विगत दिनों अपनी दुकान पर कार्य कर रहा था, उस समय वहां पहुंचे उसके तीन-चार दोस्त उसे कार में बैठाकर बेड़ा नदी की तरफ ले गए थे। बताया जा रहा है कि बेड़ा नदी में स्नान करते समय प्रवीण का पैर फिसल गया और वह डूब गया। इस घटना के बाद घबराए उसके दोस्त उसके कपड़े लेकर घर आ गए। लेकिन शाम तक उसके परिजनों को इसकी जानकारी नहीं दी। परिजनों को जब घटना की जानकारी मिली तब वे बेड़ा नदी पहुंचे और उसकी तलाश शुरू की। मौके पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम कई दिनों तक उसकी तलाश करती रही मगर उसका कोई सुराग नहीं लगा। इस बीच पुलिस ने डॉग स्क्वायड की भी मदद ली। लेकिन प्रवीण का कोई सुराग नहीं मिलने से उसके परिजन काफी चिंतित हैं। इस दौरान परिजनों ने पुलिस को उसकी हत्या का भी संदेह जताते हुए नामजद रिपोर्ट भी पुलिस थाने में दर्ज करवाई थी।
